HRA से टैक्स कैसे बचा सकते हैं

HRA  से टैक्स कैसे बचा सकते हैं

हम सब हर वर्ष आपनी कमाई से सरकार को टैक्स देते हैं | हर करदाता सोचता है कि वो अपने कमाई से काटने वाले कर को अधिक से अधिक बचा सके | आज हम आपको बताएँगे एक आसान तरीका जिससे आप अपने टैक्स को बचा सकते हैं |
आप अपने सैलरी स्लिप को तो जरुर देखे होंगे उसमे आपको मिलने वाले मकान के किराये का भी वर्णन भी होता है | HRA अभी करदाता के लिए करयोग्य आय होती है | अगर आप किराये के मकान में रहते हैं और किराये का भुगतान करते हैं तो आप कर छुट पाने के हक़दार हैं |
आप जो किराया मकान मालिक को देते हैं तो उसके बदले मिलने वाली रसीद संभाल कर रखें | इस रसीद के जरिए ही आप कर में छुट पा सकते हैं |
HRA में मिलने वाले कर छुट की शर्तें :-
नियोक्ता की तरफ से मिलने वाले HRA के लिए हमेश टैक्स छुट नहीं मिलता है उसके लिए कुछ शर्तें होती हैं :-

  1. नियोक्ता के तरफ से HRA मिले |
  2. वास्तविक किराये में से  10 फीसदी सैलरी की कटौती |
  3. मेट्रो सिटी में रहने वालों के लिए सैलरी का 50% ( दुसरे शहरों के लिए 40%)
  4. बची हुए रकम को आपकी करयोग्य आय में जोड़ दिया जायेगा |
 अगर कोई किराये के मकान में नहीं रहता है तो उसे HRA पर टैक्स देना पड़ता है |
  1. माता-पिता से करें रेंट एग्रीमेंट :- अगर कोई करदाता अपने घर में घर में रहता है तो वो अपने माता-पिता से रेंट एग्रीमेंट करके HRA में टैक्स छुट पा सकते हैं | इस लाभ को पाने के लिए आपको आपने माता-पिता को हर महीने किराया चुकाना पड़ेगा | ध्यान रहे इस किराये की आय को करदाता के माता-पिता के द्वारा अपने उस वर्ष की आय में दिखाना चाहिए |
  2. मकान मालिक का पैन नंबर :
अगर किरायेदार (करदाता ) 8,333 रुपये से ज्यादा का भुगतान किराये के रूप में करता है तो उसे अपने मकान मालिक का पैन नंबर बताना होगा |
  1. होम लोन से छुट:- जिनके पास अपना मकान है और वो होम लोन का क़िस्त भर रहे हैं तो HRA में टैक्स में छूट पा सकते हैं | इसके लिए करदाता किराये के मकान में रहता हो और उसका घर खली हो या किराये परे हो या उसके परिवार का कोई सदस्य उस घर में रहता हो |

     

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