SIP और Micro SIP क्या होता है और इसकी विशेषताएं

Systematic Investment Plan (SIP) और Micro Systematic Investment Plan क्या होता है |

आगे बढ़ाने से इन बातों को भी जान लीजिये :

SIP एकमुश्त रकम (One Time) के निवेश से बेहतर Return क्यों देता है?

एक प्रश्न जो की सामान्यतः पूछा जाता है – Does SIP Perform better than Onetime Investment? तो इस प्रश्न के लिए  मेरा जवाब है बिलकुल दे सकता है! आप चौंक गए न? आश्चर्य चकित होने कि कोई जरुरत नहीं है , क्यूंकि यह ‘हाँ ‘ एक बहुत बड़ी अस्वीकृति के साथ आई है! सबसे पहले मैं आपको बताता हूँ कैसे – एक मुश्त निवेश आपको बेहतर रिटर्न दे सकता है बशर्ते की यह सही समय पर किया गया हो।

अगर आप Onetime Investment करते हैं तो इसका अर्थ यह है की आपका निर्णय दो बार सही होना चाहिए – पहला खरीद के समय और दूसरा बिक्री के समय। यदि सौभाग्य से आप का निवेश बहुत निचले  मूल्य पर हुआ है, तथा बहुत ही ऊपर के मूल्य पर बेचते हैं तो ही निश्चित तौर पर आप बेहतर लाभ मिलेगा।
अब प्रश्न यह उठता है कि क्या यह दो निर्णय आप हमेशा सही समय और पर ले सकते हैं ?
तो मैं कहूँगा बिलकुल नहीं – और न केवल आपके और मेरे जैसे छोटे निवेशक, बल्कि पेशेवर निवेशक भी हमेशा निवेश एवं बिक्री के लिए सही समय का अनुमान नहीं लगा पाते हैं।
ऐसा समय एक या दो बार संयोग से अवश्य आ सकता है परन्तु यह जरुरी नहीं है के ऐसा संयोग निरंतर होता रहे – क्यूंकि कोई भी यह अंदाजा नहीं लगा सकता की बाज़ार कितना ऊपर और कितना नीचे जायेगा।
हालांकि सैद्धांतिक रूप से एकमुश्त निवेश बेहतर रिटर्न अर्जित करने योग्य है, और व्यावहारिक रूप से सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट योजना ही सबसे अच्छा उपलब्ध विकल्प है।
यदि आप ऐतिहासिक आंकड़ो को देखेंगे तो पाएंगे के Mutual Fund और Equity के द्वारा दिया जाने वाला रिटर्न या तो इसके ऊपर होगा या नीचे और यह सदैव उसी समय में किये गए सिप की तुलना में बेहतर होगा। (और इसलिए मैंने कहा कि सैद्धांतिक रूप से, यह संभव है की एकमुश्त निवेश बेहतर रिटर्न दे सकता है)  लेकिन याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बात यह है की जब आप ऐतिहासिक आंकड़ो का विश्लेषणकरते हैं तो आपको पता होता है के फंड ऊपर कब रहा और नीचे कब – परन्तु भविष्य के लिए जब आप  इसे बेचते या खरीदते हैं तो आप को यह मालूम नहीं होता की यह  क्या रूप लेगा?

Systematic Investment Plan (SIP)  में निवेश करने के लिए उपलब्ध विकल्प


अब तक आप समझ गए होंगे के आपको Market के उठा पटक से बचने के लिए SIP का उपयोग कर के ही निवेश करना चाहिए। आइये अब SIP में उपलब्ध विभिन्न विकल्पों के बारे में समझते हैं।
मैंने मौटेतौर पर एसआईपी को दो वर्गों में विभाजित किया है: “नियमित SIP  और माइक्रो एसआईपी”

1. नियमित एसआईपी

नियमित  SIP की विशेषताएं निम्न हैं:
1. निवेश की न्यूनतम राशि 500 रुपये से शुरू होती है और इसकी कोई अधिकतम सीमा नहीं है
2. आमतौर पर इसमें कोई निकास भार (exit load)  नहीं  है
3. इनमे कोई लॉक-इन समय अवधि नहीं होती है अर्थात आप इसे कभी भी नकदी में बदल सकते हैं |
4. सभी निवेश विकल्प खुले हैं : विकास, लाभांश और पुनर्निवेशसभी म्यूचुअल फंड गृह (houses) एसआईपी का विकल्प उपलब्ध कराते हैं

2. Micro SIP (माइक्रो एसआईपी)

ये SIP की नई योजना  है। ये मुख्यतः उन लोगो के लिए है जो अपनी बचत के एक बहुत छोटे से भाग को म्यूचुअल फंड में (और इसके द्वारा स्टॉक बाज़ार में) निवेश करना चाहते हैं।
इनकी विशेषताएं निम्न हैं :
1. निवेश 50 रूपए से शुरू किया जा सकता है|
2. इसमें आमतौर पर Loc-in समय अवधि 3 से 5 वर्ष की होती है। अर्थात इतने समय के लिए आप अपना निवेश नकद में नहीं बदल सकते हैं ।
3. इसमें आमतौर पर Development विकल्प ही उपलब्ध होता है
4. रिलायंस म्यूचुअल फंड और आईसीआईसीआई म्युचुअल फंड ने इसकी शुरुआत की है ।

तो आपने देखा माइक्रो एसआईपी में कई सीमायें हैं। पर क्या वे उतनी बुरी हैं? मेरी राय में नहीं – क्यूंकि उपरोक्त सीमाओं के कारण ये आपको म्यूचुअल फंड में लम्बे समय के लिए निवेश करने को बाध्य करते हैं। और इसी प्रकार का लम्बे समय का निवेश Equity  Mutual Fund में किया भी जाना चाहिए!
यह बैंक में किये जाने वाले  आवर्ती जमा  (recurring deposit)  से अलग नहीं है, जो की आपको छोटे मासिक भुगतान निवेश की ओर अग्रसर करती है, और जिसमे समय से पहले पूंजी निकलने पर दंड स्वरूप कुछ रकम काट ली जाती है। इसमें केवल यही एक अंतर है की माइक्रो सिप आवर्ती जमा की तुलना में कहीं ज्यादा अच्छा रिटर्न दे सकता हैं!
एसआईपी में कैसे निवेश करें?


चलिए एक और महत्वपूर्ण प्रश्न की चर्चा करते  हैं: हमारे पास कितने एसआईपी होने चहिये ? क्या आपको कुछ गिने चुने अच्छे Mutual Fund की योजना में ही निवेश करना चाहिए, या फिर ढेर सारे सिप में?
मेरी राय में आपको 3-4 अच्छे Portfolio वाले  डायवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड (diversified equity Mutual Fund) में निवेश करना चाहिए। यदि आपके पास निवेश करने के लिए 3000 रुपये हैं तो आपको 3 अच्छे इक्विटी डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड में 1000 रुपये लगाने चहिये, और यदि आपके पास 10,000 रुपये हैं तो प्रत्येक इक्विटी डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड में 3000-4000 रुपये लगाने चाहिए।
वे लोग जो इससे कहीं जयादा जोखिम उठाने योग्य हैं वे  किसी सेक्टर फंड में भी  निवेश कर सकते हैं (हालाँकि मैं व्यक्तिगत रूप से इसकी सलाह नहीं देता)।

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