What is Share and How it relate to Share Market (Tutorials For share Market) - Money Sanchay

What is Share and How it relate to Share Market (Tutorials For share Market)

शेयर क्या होते हैं 

What is Shares in Hindi

 इस लेखा को मैं शेयर मार्किट में लेनदेन को समझाने के उद्देश्य से लिख रहा हूँ  इस लेख में मैं निम्न प्रश्नों का उतर दूंगा 

  1.  शेयर किसे कहते हैं ? 2. शेयर मार्किट के सन्दर्भ में इसका क्या अर्थ है?  3. इसके प्रकार ?


शेयर का अर्थ है अंश यानी हिस्सा यदि आपके पास किसी कंपनी के शेयर हैं  तो आप
उस कंपनी के उतने हिस्से के मालिक बन जाते हैं | Share को हिंदी में अंश कहते हैं और Share Holder को अंशधारक. शेयर बाजार से शेयर खरीद कर आप भी वहां लिस्टेड किसी भी कंपनी के मालिक बन सकते हैं. सभी शेयर कंपनी द्वारा घोषित किये गए सभी Dividend डिविडेंड अथवा Bonus Share बोनस शेयर के अधिकारी होते हैं.
कंपनी के पूंजी को छोटे-छोटे अंशों अथवा शेयरों में बांट दिया जाए तो बहुत से व्यक्ति उस कंपनी में हिस्सेदारी खरीदकर उस कंपनी के मालिक बन सकते हैं | कोई भी व्यक्ति आसानी से किसी कंपनी के शेयर खरीद सके इसके लिए आवश्यक है कि वह कंपनी किसी ना किसी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड हो. एक बार यदि कोई कंपनी किसी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हो जाती है तो उस कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंज में शुरू हो जाती है.
लिस्टिंग के बाद उस कंपनी के शेयरधारक अपने शेयर उस स्टॉक एक्सचेंज पर बेच सकते है तथा उस शेयर को खरीदने के इच्छुक व्यक्ति उस शेयर को उसी स्टॉक एक्सचेंज से खरीद सकते हैं.
जो व्यक्ति अथवा व्यत्क्तियों का समूह किसी कंपनी को शुरू करने की योजना बनाते है उन्हें Promoter  कहा जाता है. प्रमोटर एक हिस्सा उन शेयरों में अपने पास रखते है और बाकी हिस्सा Public के लिए IPO के माध्यम से लाया जाता है | शेयरों में निवेश करने वाले को निवेशक (Invester) कहा जाता है|
शेयर के बारे में स्पष्ट करने के बाद अब मैं आपको शेयर के प्रकार के बारे में बताता हूँ –
शेयर कितने प्रकार के  होते हैं
शेयर के प्रकार 

1. साधारण या समता अंश    (Equity Shares )
2. अधिमान  या पूर्वाधिकार अंश (Prefrenece Shares)

1. साधारण या समता अंश    (Equity Shares )  :

– समता अंश का धारक ही कंपनी का असली मालिक होता है | समता अंश का आशय उन अंशों से है जो पूर्वाधिकारी अंश नहीं हैं अर्थात इनके लिए लाभांश की दर निश्चित नहीं होती है, लाभांश पूर्वाधिकारी अंशों पर बाँटने के बाद शेष बचे लाभांश में से समता अंशधारियों को दिया जाता है | इनका कंपनी के हानि में भी हिस्सा होता है अर्थात अगर कंपनी को लाभ नहीं होता है तो इन्हें कुछ भी नहीं मिलता है| इन अंशधारियों को किस दर से लाभ का वितरण किया जाय यह संचालक मण्डल तय करता है |

शेयर मार्किट में इन्ही शेयर के खरीद-बिक्री को Equity Trading कहते हैं और जिस बाज़ार में इनका लेन-देन किया जाता है उसे Equity Share Market कहा जाता है | आगे के लेखों में मैं शेयर मार्किट से जुडे सभी प्रकार के प्रश्नों का उतर देने की कोशिस करूँगा|

समता अंश की विशेषताएं :

  • ये कंपनी के असली मालिक होते हैं |
  • इन्हें कंपनी के सभी प्रकार की सभाओं  में मत देने का अधिकार है |
  • इनपर लाभांश की दर निश्चित नहीं होती है |
  • कंपनी के समापन पर इन्हें सबसे अंत में भुगतान किया जाता है |

2. अधिमान  या पूर्वाधिकार अंश (Preference Shares):-

  पूर्वाधिकारी अंश जैसा की नाम से ही स्पष्ट है की इन अंशों को पूर्वाधिकार प्राप्त होता है, इन अंशों को  समता अंशो पर पूर्वाधिकार प्राप्त है| पूर्वाधिकार अंशों को समता अंश से पहले लाभांश का भुगतान किया जाता है| इन अंशों पर लाभांश निश्चित होता है | कंपनियां इनको जरी करने से पहले ही इनपर मिलने वाले प्रतिफल के बारे में बता देती हैं |

पूर्वाधिकार अंश की विशेषताएं :

a) उन अंशों पर लाभांश की दर निश्चित हो
b)  कम्पनी के विघटन के समय उस राशी का भुगतान पहले किया जाता है |
c) मत देने का अधिकार नहीं होता है |

निष्कर्ष :

अगर आप शेयर मार्किट में लेनदेन करना चाहते हैं तो आपको Equity Market में लेन-देन करना होगा |

आपको ये लेखा कैसा लगा? Comment में जरुर लिखें, अगर आपके मन में कोई प्रश्न हो तो उसे भी जरुर पूछें |
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